पोवार समाज और पोवारी बोली : इतिहास, वर्तमान और भविष्य - एक संक्षिप्त आकलन
*पोवार समाज और पोवारी बोली : इतिहास, वर्तमान और भविष्य – एक संक्षिप्त आकलन* @ॲड. लखनसिंह कटरे ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ पोवार समाज और उसकी पोवारी बोली — ये दोनों हमारे अतीत की एक गौरवशाली और प्राचीनतम स्थिति का प्रतिनिधित्व करते हैं। शूरवीर पूर्वजों और विभिन्न राजघरानों से जुड़े पोवार समाज की उत्पत्ति का सटीक और पूर्ण इतिहास आज भी इतिहास के गर्भ में छुपा हुआ है। हमारे कुछ पूर्वजों ने हमारे इतिहास को खोजने के बहुत ही सराहनीय प्रयास किए हैं। आज भी हमारे समाज के कुछ अधिकृत विद्वान और इतिहास के शोधकर्ता, हमारे इतिहास की खोज में निष्ठा और समर्पण से जुटे हुए हैं। पोवार समाज के इतिहास को सामने लाने वाले कुछ शोधपूर्ण ग्रंथों का प्रकाशन भी हो चुका है। (हालाँकि, कुछ छद्म पहचान वाले लोग इस विषय पर संदिग्ध और अप्रमाणिक लेखन भी कर रहे हैं — लेकिन इतिहास में ऐसे दो-चार व्यक्ति हमेशा होते आए हैं और आगे भी रहेंगे। ऐसे लोगों को नज़रअंदाज़ करना ही होगा, यदि हम सच्चे और प्रमाणित इतिहास को समझना चाहते हैं!) कोई भी समाज ...