एक बारिश : तब की और अब की...!
*एक बारिश : तब की और अब की...!*
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>> 1979 या 1980 के बरसात की घटना है। तब आमगांव से कट्टीपार जाते वक्त किडंगीपार नालेपर कोई पुल नहीं था। मै कट्टीपार के जि.प. हायस्कूल में गणित शिक्षक के हैसियत से कार्यरत था। गाव/बोरकन्हार से ही सायकलसे आना-जाना करता था। इस नाले में पानी का बहाव जबरदस्त होने के बावजूद स्कूल में जाने हेतू मै कुछ व्यक्तियों के साथ सायकलसहित नाला पार कर रहा था। नाले का बहाव इतना जबरदस्त था कि मुझ जैसे नवसिखिया के लिए संभलना मुश्किल हो गया और मै सायकल सहित बहने लगा। साथके व्यक्तियों ने मुझे किसी तरह बाहर निकाल कर नाला पार करवा दिया।
>> मै भीगे कपड़ो मे ही स्कूल गया। तत्कालीन मुख्याध्यापक श्री.एस.टी.बहेकार सर ने मेरा ढाढस बढ़ाकर मुझे भजेपार (मेरी मौसी के गाव) भिजवा दिया था।
>> अब तो पुल भी हो गया और इस वर्ष की बारिश में नाले का पानी पुल पर भी चढ़ गया। बापरे, क्या बारिश है?
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@ॲड.लखनसिंह कटरे,
बोरकन्हार-441902 (11.08.2022)
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